संत रामपाल जी का उद्देश्य समाज का सुधार करना भी है
आध्यात्मिक मार्ग में फैले पाखंडवाद को समाप्त कर सभी प्रमाणित धर्मग्रंथों की तुलनात्मक समीक्षा करके शास्त्रानुकूल भक्ति जन सधारण तक पहुंचाना
- समाज में व्याप्त कुरीतियों का समूल नाश करना
- दहेज प्रथा, मुत्युभोज, भ्रूण हत्या, छुआछूत, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार आदि से मुक्त समाज का निर्माण करना है
- नशा मुक्त भारत बनाना। समाज में मानव धर्म का प्रचार, भ्रूण हत्या पूर्ण रूप से बंद करना
- छुआ-छूत रहित समाज का निर्माण
- समाज से पाखंडवाद को खत्म करना
- भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण करना
- समाज से जाति-पाति के भेद को मिटाना
- समाज से हर प्रकार के नशे को दुर करना
- समाज में शांति व भाईचारा स्थापित करना
- विश्व को सतभक्ति देकर मोक्ष प्रदान करना
- युवाओं में नैतिक और आध्यात्मिक जागृति लाना
- समाज से दहेज रूपी कुरीति को जड़ से खत्म करना
- सामाजिक बुराईयों को समाप्त करके स्वच्छ समाज तैयार करना
- समस्त धार्मिक ग्रंथों के प्रमाण के आधार पर शास्त्र अनुकूल साधना समाज को देना ।
संत रामपाल जी का उद्देश्य: ऐसे बना रहे हैं विश्व को स्वर्ग संत रामपाल जी महाराज
- तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने सचेत किया है कि ज्ञान के बिना मनुष्य पशु-पक्षी की तरह संतानोत्पत्ति और उनके पालन पोषण के लिए आजीवन संघर्षरत रहते हैं। अंत में प्राण त्याग कर कर्मानुसार पुनर्जन्म को प्राप्त होते हैं। यदि सतगुरु मिल जाए तो मनुष्य सतज्ञान द्वारा सतभक्ति साधना द्वारा पूर्ण मोक्ष को प्राप्त होता है।
- काल ब्रह्म के नश्वर लोक में अज्ञानवश शास्त्र विरुद्ध साधना करके सभी जीव दुःखी हैं और कालचक्र में गोता खा रहे हैं। संत रामपाल जी महाराज ने सभी धर्मों के ग्रंथों से प्रमाणित भक्ति विधि बताकर मानव समाज पर बहुत बड़ा उपकार किया है।
- संत रामपाल जी महाराज जी वह अवतार हैं जिनसे आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर आज लाखों लोग सामाजिक कुप्रथाओं व बुराइयों जैसे छुआ छूत, तेरहवीं, मृत्यु भोज नशा, दहेज, कन्या भ्रूण हत्या आदि को जड़ से समाप्त कर रहे हैं।
- आज़ जहां दहेज के लिए प्रताड़ना देकर बहन बेटियों को बहुत से कष्ट दिए जाते हैं यहाँ तक कि जिंदा जला दिया जाता है ऐसे में समाज सुधारक संत रामपाल जी महाराज दहेज मुक्त विवाह करने की शिक्षा देकर दहेज मुक्त समाज का निर्माण कर रहे हैं। बहन बेटियों को समाज में सम्मान के साथ जीने का अधिकार दे रहे हैं।
- देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए संत रामपाल जी महाराज ऐसा निर्मल ज्ञान दे रहे हैं जिससे उनके अनुयायी न रिश्वत लेते हैं और न देते हैं क्योंकि वे जान गए हैं कि रिश्वत लेने वाला अगले जन्म में पशु बनकर उसका ऋण उतारता है। ज्ञान से परिचित होकर लाखों लोगों ने इस बुराई से तौबा कर ली है।
- सतगुरु रामपाल जी महाराज का निर्देश है कि हुक्का, शराब, बीयर, तम्बाखु, बीड़ी, सिगरेट, हुलास सुंघना, गुटखा, मांस, अण्डा, सुल्फा, अफीम, गांजा और अन्य नशीली चीजों का सेवन तो दूर रहा किसी को ऐसी कोई वस्तु लाकर भी नहीं देनी है।
- सतभक्ति रूपी औषधि देकर संत रामपाल जी महाराज प्रेत बाधाओं से पीड़ित लोगों को उनकी प्रेत बाधा सदा के लिए दूर कर देते हैं। कठिन से कठिन रोगों और समस्याओं से भी मुक्ति दिला देते हैं।
- एक तरफ जहां नि:संतान को समाज में हेयदृष्टि से देखा जाता था वहीं संत रामपाल जी महाराज ने इस गलत धारणा को अपने अद्वितीय तत्वज्ञान से नष्ट कर दिया और बताया कि नि:संतान तो सभी कर्जों से मुक्त बहुत ही पुण्यकर्मी प्राणी होता है। सतगुरु शरण में आकर उसका सहज मोक्ष हो जाता है।
- बेटे व बेटियों में भेद करने की सोच का शिकार समाज कन्या भ्रूण हत्या जैसा भयंकर अपराध भी कर बैठता है। संत रामपाल जी महाराज ने लिंग भेद को स्थाई रूप से समाप्त करने का बीड़ा उठाया है और उनके शिष्य बेटे व बेटियों में किसी प्रकार का भेद नहीं समझते।
- अश्लील फ़िल्मों से समाज में बढ़ती अश्लीलता, अभद्र कपड़ों का चलन आम हो गया है। संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी उनके बताए सतमार्ग पर चलकर फिल्में, सीरियल, अश्लील गाने आदि को पूर्ण रूप से त्याग चुके हैं, जो कि समाज सुधार की अद्भुत पहल है।
- संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से उनके अनुयायियों ने लोक कल्याण के लिए देहदान का संकल्प लेते हैं। समय आने पर उनके परिवारजन उस संकल्प को पूरा करते हैं।
- संत रामपाल जी महाराज अपने भक्तों को सदैव परमार्थी होने की शिक्षा देते हैं। उनकी प्रेरणा से उनके अनुयायियों द्वारा लगातार रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं।
- संत रामपाल जी महाराज के परमार्थ कार्य करने का प्रयास तब सामने आया जब देश वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों से जूझ रहा था। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज ने आगे आकर सरकार को अपना आश्रम सौंपकर उसे कोविड सेंटर बनाने का आग्रह किया। सरकार ने अनेकों विस्थापितों को उनके आश्रमों में ठहराया जहां सभी जरूरी सुविधाएं जैसे भोजन, विस्तर, पंखा, शौचालय इत्यादि आश्रम की ओर से की गईं।
- कोरोना लाॅकडाउन के समय जब देश का निम्न वर्ग भुखमरी से जूझ रहा था, लोगों के पास आय के साधन नहीं रह गये थे तब संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में उनके अनुयायियों ने घर-घर जाकर लोगों को निःशुल्क भोजन सामग्री प्रदान कर परमार्थ का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
तत्वज्ञान के साथ किये समाज सुधार के कार्य
संत रामपाल जी महाराज ने मानव के सभी पक्षों का विवेचन किया, सही जीवन जीने के आदर्शों को सिखाया। संत रामपाल जी महाराज के शिष्य बनने के लिए कुछ नियम होते हैं जिनका आजीवन पालन करना होता है। उनमें प्रमुख है नशा न करना दहेज का आदान प्रदान न करना। आज लाखों लोग संत रामपाल जी महाराज की शरण में आकर नशा पूरी तरह से छोड़ चुके हैं।
केवल 17 मिनट में बिना दान दहेज और बिना दिखावे के विवाह, सुर्खियों का विषय बनते हैं। लाखों बेटियाँ सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रही हैं। न केवल समाज सुधारक कार्य बल्कि संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने वालों ने अदभुत लाभ गिनाए हैं, जिनमें एड्स, कैंसर जैसी भयानक बीमारियों के ठीक होने की बात अनुयायी करते हैं। स्वास्थ्य लाभ के साथ अद्भुत और अविश्वसनीय लाभ जिनमें आर्थिक लाभ भी सम्मिलित हैं, संत रामपाल जी महाराज की भक्ति विधि ने दिए हैं।
संत रामपाल जी का मूल उद्देश्य
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य क्या है? संत रामपाल जी का उद्देश्य है कि सभी मानव, एक सर्वोच्च ईश्वर (Supreme God) कबीर जी की पूजा करें और अपने मूल निवास सतलोक में वापस लौटकर पूर्ण ब्रह्म कबीर परमेश्वर की शरण ग्रहण करें। सर्वोच्च ईश्वर कबीर जी की उपासना की चाह रखने वाला व्यक्ति चाहे किसी भी धर्म, वर्ण, जाति, वर्ग समुदाय का क्यों नहीं हो, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा ले सकता है।
आध्यात्मिक मार्ग में फैले पाखंडवाद को समाप्त कर सभी प्रमाणित धर्मग्रंथों की तुलनात्मक समीक्षा करके शास्त्रानुकूल भक्ति जन सधारण तक पहुंचाना सतगुरु जी का महत्वपूर्ण कदम है। जन जन में सतज्ञान का उपदेश फैलने से सतगुरु की असीम कृपा से भारत शीघ्र सोने की चिड़िया बनेगा और विश्वगुरु के खोए सम्मान को अर्जित करेगा।
संत रामपाल जी ने प्रमाणित सत्य भक्ति साधना देने के साथ साथ समाजहित के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। दयालु संत चाहते हैं कि समाज में कोई भी प्राणी किसी भी कारण से दुःखी जीवन नहीं जिए। प्रत्येक जीव की समस्याओं का समाधान हो। मनुष्यों पर कोई भी आपदा न आए और धरती स्वर्ग समान बन जाए। संत रामपाल जी महाराज जी का एक ही सपना है दहेज़, पाखंड, मृत्युभोज, भ्रूण हत्या, जाति-पाति के भेदभाव और छुआछूत जैसी कुरीतियों, नशे जैसी बुराइयों से मुक्त विश्व बनाना और रिश्वत खोरी भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण करना ।
अत: साधना Tv शाम 7:30बजे से रोजाना जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का सत्संग देखकर अपनी अन्य शंकाओं का समाधान भी आप कर सकते हैं, इस लेख को पढ़कर उत्पन्न हो गए सवालों के जवाब ढूंढ सकते हैं, साथ के साथ ग्रंथों में मिलान कर सकते हैं ।
इसके अलावा भी अगर अधिक जानकारी चाहे तो वेबसाइट पर उपलब्ध किसी भी पुस्तक को फ्री डाउनलोड करके अध्ययन करें या फिर हमारा Youtube Chennal विज़िट करे यह दावा है कि आपको अध्यात्म ज्ञान का वह रहस्य पता चलेगा जिससे आपके मनुष्य जीवन को सही दिशा मिल जायेगी।
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